यह मास्क बाजार में मौजूद अन्य मास्क से पूरी तरह अलग है, ‘श्वासा’ की विजिबिलिटी, फिल्टरेशन और क्षमता अन्य मास्कों की तुलना में बेहतर है

ई-स्पिन के निदेशक डॉ संदीप पाटिल ने बताया कि यह मास्क बाजार में मौजूद अन्य मास्क से पूरी तरह अलग है। ‘श्वासा’ की विजिबिलिटी, फिल्टरेशन और क्षमता अन्य मास्कों की तुलना में बेहतर है। इस मास्क से बैक्टीरिया और वायरस के हमले से आप सुरक्षित रह सकते हैं। पाटिल ने बताया कि यह पहला मास्क है, जो नील्सन द्वारा सर्टिफाइड है। उन्होंने बताया कि ये मास्क पीएम 0.3 और पीएम 2.5 के हिसाब से बनाए जा रहे हैं।
मौजूदा समय में इस मास्क को वाशेबल बनाए जाने पर काम चल रहा है। इसका फायदा यह होगा कि इस मास्क को दोबारा प्रयोग किया जा सकेगा। यह मास्क थ्री-एम का रिप्लेसमेंट है। इस मास्क का पहली बार निर्माण तीन जनवरी, 2019 में शुरू हुआ था। इसका प्रयोग उस दौरान अस्पतालों में अधिक होता था। संदीप ने आईआईटी कानपुर से पीएचडी की है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मास्क का प्रयोग किए जाने पर डॉ संदीप पाटिल ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए गौरव की बात है कि हमारे मास्क का प्रयोग पीएम नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि हमारी टीम प्रधानमंत्री द्वारा भूमि पूजन के दौरान हमारे मास्क के इस्तेमाल से काफी प्रसन्न है। यह भारतीय स्टार्टअप और इनोवेशन की क्वालिटी और क्षमता का सबूत है।