अधूरा-अधपका ज्ञान तब ज़हर बन जाता है, जब वह डॉनल्ड ट्रम्प जैसे मदान्ध नेता के मुँह से झरता है। लोग उसके कहे को ही सच मानते हैं , ज्ञानी वैज्ञानिकों की नहीं सुनते
डॉ स्कन्द शुक्ल/लखनऊ
लगातार शोध सिद्ध कर रहे हैं कि हायड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के सेवन से कोविड-19 में कोई लाभ नहीं हो रहा। ( बल्कि कई बार हानि भी हो रही है। ) लेकिन एक महीने पहले ही इस दवा पर साधुवाद का इतना चढ़ावा चढ़ा दिया गया कि न जाने कितने ही लोगों ने इसे खरीदकर घरों में रख लिया और कुछ मूर्खों ने कई दिन तक खाया भी। ध्यान रहे , ये वे लोग हैं जो किसी भी प्रकार से कोविड-रोगियों के सम्पर्क में ही नहीं हैं। फिर भी ये घरों में हाइड्रोक्सीक्लोरक्वीन खरीदकर रख रहे थे। इनमें से कई डॉक्टर भी थे , जिनकी विवेकहीनता आश्चर्यजनक रूप से आसमानी है।
अधूरा-अधपका ज्ञान तब ज़हर बन जाता है, जब वह डॉनल्ड ट्रम्प जैसे मदान्ध नेता के मुँह से झरता है। लोग उसके कहे को ही सच मानते हैं , ज्ञानी वैज्ञानिकों की नहीं सुनते।
कोविड-19 में हायड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का लगातार फ़ेल होना मदान्ध-मूर्ख नेता और अकुलायी विवेकहीन जनता के दुस्सम्बन्ध का नवीनतम उदाहरण है।
इन दवाओं के निम्न प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं:
- असामान्य हृदय गति – दिल की धड़कन का अचानक तेज या बहुत धीमा हो जाना जिसे अतालता कहते है।
- हाइपोग्लाइसीमिया – खून में शुगर की कमी, शरीर का कांपना, दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना शामिल है।
- न्यूरोपैसाइट्रिक प्रभाव -घबराहट, भ्रम, मतिभ्रम आदि
- मेटाबोलिक बदलावअधिक मात्रा में लेना (ओवरडोज) -क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन अधिक मात्रा में लेने से ये अत्यधिक जहरीले होते हैं, इसके कारण दौरे, कोमा और दिल का दौरा भी पड़ सकता है।
- दवा की कमी -ल्यूपस और अन्य पुरानी बीमारियों जैसे ऑटोइम्यून विकारों वाले मरीज़, जो इनके इलाज करने के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन लेते हैं, ये दवाएं उन तक नहीं पंहुच पाएंगी।
समीक्षा में कहा गया है कि भले ही ये दवाएं कोविड-19 के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकती हैं, लेकिन साथ में चेतावनी भी दी गई है कि इनका उपयोग बीमारी को और बढ़ा भी सकता है।
डॉ. जुरालिंक कहते हैं कि कोविड-19 के उपचार में क्लोरोक्वीन या हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की क्षमता पर भरोसा करना कुछ हद तक ठीक है, लेकिन इस पर भी विचार किया गया है कि इन दवाओं से रोगों के बढ़ने के आसार कहीं अधिक हो सकते हैं। यही कारण है कि हमें कोविड-19 के रोगियों के इलाज के लिए इन दवाओं का नियमित उपयोग करने से पहले एक बेहतर साक्ष्य की आवश्यकता है, जो इस बात की पुष्टि करे कि ये असरदार है तथा इनका शरीर पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं हैं।