कालेधन के खिलाफ कार्रवाई के दायरे को बढ़ाते हुए केंद्र सरकार उन कागजी कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है, जिन पर मनी लॉन्ड्रिंग में ऐक्टिव होने का शक है
By Staf Reporter/New Delhi
नोटबंदी के दौरान अगर किसी दुकानदार ने कैश में ज्यादा खरीद और बिक्री दिखाई है या फिर अपनी बिक्री में बेनामी लोगों को समान बेचने की बात दिखाई हो तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इसकी छानबीन करेगा। सूत्रों की माने तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे मापदंड बनाए हैं जिसमें शक के दायरे में आने वाले लाखों खातों की जांच के बजाय सिर्फ जिन खातों पर शक गहरा हो उनकी जांच होगी।
नोटबंदी के दौरान नकदी बिक्री में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है और पिछले साल के मुकाबले नकदी बिक्री में बढ़ोतरी है। जिसके चलते दिसंबर के आखिर में एक बार से ज्यादा पुराने नोटों जमा करने वाले पर आईटी विभाग की नजर रह सकती है। आईटी विभाग उन खातों पर ध्यान देने वाली है जिन खातों पर पैसे ट्रांसफर किए जिन पर पहले कभी नहीं किया गया। वहीं 70 साल उम्र के टैक्सपेयर्स से 5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट पर पूछताछ नहीं की जाएंगी।