हमने आपसे अपील की है कि इस ग्रुप में वैशाली, वसुंधरा, इंदिरापुरम से जुड़े मसले उठाएं
आप अपने कारोबार की भी यहां चर्चा कर सकते हैं मगर शर्त है कि वह कारोबार इसी इलाके में हो। अब मैं आपको इस इलाके की सबसे गंभीर समस्या से अवगत कराएं।
वैशाली, वसुंधरा और इंदिरापुरम और इसके आसपास डेंगू के मच्छरों से खतरा है। मेरी पत्नी से हर महीने मिलने वाली एक सैल्स एक्जक्यूटिव की महज 28 साल में डेंगू से मौत हो गई। पुष्पांजलि अस्पताल, वैशाली के जनसंपर्क प्रबंधक अमित ने बताया कि उनके अस्पताल में रोज डेंगू के 20-30 मरीज आते हैं। इनमें से आधे में डेंगू के पॉजिटिव लक्षण मिलते हैं।
आखिर क्या करें? हमने वसुंधरा स्थित अपने घर में जितने कूलर या कूलिंग प्लांट में पानी था उनकी सफाई करवा दी। छत पर कहीं भी पानी जमा होने का मौका नहीं दिया। क्या इसके बाद भी डेंगू का मच्छर हमें सताएगा? क्या आपने डेंगू से बचने के लिए घर या इसके बाहर सफाई करवा ली है। नहीं तो अभी से चेत जाएं। डेंगूं में प्लेलेट्स 30-40 हजार से नीचे आ जाए तो बेहद चिंता का विषय है।