साइबर सिटी में दीपावली पर मिठाई देने का प्रचलन रहा है, लेकिन लोगों का मिठाई के प्रति रुझान कम हो चुका है, इसलिए उद्यमियों ने उपहार के लिए बर्तनों को चुना है। जिसे यादगार के तौर पर ज्यादा दिनों तक रखा जा सकता है। हालांकि बाजार के जानकारों का मानना है कि चांदी का बाजार सीमित है, स्टील की बर्तनों की मांग ज्यादा है। कांसा व पीतल का बर्तन सिर्फ पैसे वाले ही मांग करते है। बाजार में सब कुछ आवश्यकता के अनुरुप मौजूद रहे, इसलिए सभी तरह के बर्तन मंगाए गए है। जिन जगहों से बर्तन मंगाए जा रहे हैं, उसमें मुरादाबाद, रेवाड़ी और यमुनानगर का नाम शामिल है।
धनतेरस पर बिक्री के लिए बाजार में बर्तन नहीं आए हैं। अभी इसके लिए आर्डर दिए गए हैं। जानकारों का कहना है कि पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद बर्तनों की कीमत में वृद्धि हो सकती है। जब तक बर्तन बाजार में नहीं पहुंचे, कीमत का अंदाजा लगाना मुश्किल है।
आम तौर पर कर्मचारियों को मिठाई के डिब्बे के साथ दीपावली पर बर्तन ही उपहार में देते हैं, लेकिन गुड़गांव में बर्तन मंहगे मिलते हैं। इसलिए वे दिल्ली के चांदनी चौक से खरीद कर लाते हैं।